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अनंत चतुर्दशी व्रत :- महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
30 / Aug / 2020

अनंत चतुर्दशी व्रत :- महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त


अनंत चतुर्दशी 1/09/2020 :- 
अनंत चतुर्दशी इस साल 1 सितंबर, मंगलवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के पूजन के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और उनके अनंत अवतारों की पूजा की जाती है। कहते हैं कि इस दिन अनंत देव यानी भगवान विष्णु की पूजा अनेकों गुना अधिक फल देने वाली होती है।

 

अनंत चतुर्दशी का महत्व :-
माना जाता है कि अनंत चतुर्दशी का व्रत सबसे पहले पांडवों ने किया था। महाभारत युद्ध से पहले जुआ खेलने के कारण पांडवों का सारा धन नष्ट हो गया था जिससे वह बहुत परेशान हो गए। तब पांडवों ने भगवान श्री कृष्ण के आगे हाथ जोड़ें और कहा प्रभु हमें अलक्ष्मी से दूर होने का उपाय बताइए।

तब श्री कृष्ण ने कहा कि देवी लक्ष्मी तुमसे कुपित हो गई हैं क्योंकि तुमने जुआ खेला था। आप देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान विष्णु का पूजन कीजिए। भगवान विष्णु के पूजन से देवी लक्ष्मी प्रसन्न हो जाएगी। तब से ही देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अनंत चतुर्दशी का व्रत रखा जाने लगा।

 

अनंत चतुर्दशी शुभ मुहूर्त :-
पूजा का शुभ मुहूर्त – सुबह – सुबह 05:59 से लेकर 09:41 तक
चतुर्दशी तिथि आरंभ – 31 अगस्त, सोमवार – सुबह 08 बजकर 48 मिनट से
चतुर्दशी तिथि समाप्त – 1 अगस्त, मंगलवार – सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक

 

अनंत चतुर्दशी पूजा विधि :-
सवेरे स्नान कर साफ कपड़े पहनें।
एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं।
अब चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा विराजित करें।
एक डोरी लेकर उसे हल्दी में रंगे और उसमें 14 गांठें बांधें।
फिर भगवान विष्णु की उससे पूजा करें।
प्रतिमा पर पीले फूल और तुलसी का पत्ता अर्पित करें।
विष्णु चालीसा, विष्णु स्तुति और विष्णु आरती के साथ पूजा संपन्न करें।
भगवान विष्णु को पीली मिठाई का भोग लगाएं।